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राष्ट्रीय शालेय फुटबॉल प्रतियोगिताआयोजक मंडल की मनमानी से भाजपा नेताओ में दिखी नाराजगी

उमरिया जिले में आज 1 दिसंबर से आयोजित राष्ट्रीय शालेय फुटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ के दौरान आयोजक मंडल की मनमानी से भाजपा नेताओं में भारी नाराजगी देखी गई। बाद में कलेक्टर की पहल पर भाजपा नेता माने तब जाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

दरअसल आयोजक मंडल के ऊपर पूर्व से ही पक्षपात और भाजपा नेताओं की उपेक्षा करने के आरोप लगते रहे हैं। इसके अलावा बीते माह अक्टूबर में राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में बाहर से आई टीमों के खिलाड़ियों को ना तो अच्छी और उचित व्यवस्था दी गई बल्कि उन्हें अच्छा भोजन नहीं दिया गया। इस बात की चर्चा चारों ओर रही है बावजूद इसके इस बार के राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भी जिम्मा उन्हीं के हवाले कर दिया गया जिनके ऊपर पहले से ही तमाम प्रकार के आरोप लगे हैं।

भाजपा मीडिया प्रभारी की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि आज 1 दिसंबर को राष्ट्रीय शालेय फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जाना था, इस दौरान जब भाजपा नेता अमर सहित स्टेडियम पहुंचे तब उन्हें उतना सम्मान और तवज्जो नहीं दी गई। इस दौरान प्रतियोगिता के आयोजक मंडल की मनमानी भी साफ तौर पर देखी गई। आयोजक मंडल की इस हरकत के बाद भाजपा नेता कार्यक्रम स्थल से निकल गए। तभी इसी दौरान जिले के कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन आगे आकर नेताओं से बातचीत की तब उनकी पहल से नेतागण वापस मंच पर लौटे।

भाजपा के वरिष्ठ नेता मिथलेश पयासी ने बताया कि पूर्व के माह अक्टूबर  में राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान भी प्रतियोगिता के आयोजक मंडल के द्वारा भाजपा नेताओं की सरेआम उपेक्षा की गई जबकि कार्यक्रम में कांग्रेस नेता को मुख्य अतिथि बनाया गया।वहीं आज 1 दिसंबर से राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल चयन प्रतियोगिता प्रारंभ हुई है इस दौरान भी आयोजक मंडल के द्वारा भाजपा के किसी बड़े नेता या मंत्री को नहीं बुलाया गया जबकि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर का है। सर्व विदित है कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। वहीं जिले में दोनों विधायक और सांसद भाजपा पार्टी से हैं। संगठन के भी बड़े नेता मौजूद है लेकिन न जाने क्यों और किसके इशारे पर आयोजक मंडल अपनी मनमानी कर रहा है।

भाजपा नेताओं ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि लगातार आयोजक मंडल के ऊपर गंभीर आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस बार भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी उन्हें को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मनमानी करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को चिन्हित कर आयोजन समिति से बाहर का रास्ता दिखाए। अभी प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ है यह प्रतियोगिता 6 दिसंबर तक की जानी है इस दौरान जिम्मेदार अधिकारी इस तरीके की मनमानी और किसी भी प्रकार के आरोपो से दूर रहे।

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