सरकारें गांवों में पक्की सड़कें इसलिए बनवाती हैं ताकि ग्रामीणों का आवागमन आसान हो सके, लेकिन कन्नौज जिले में कुछ लोगों ने विकास के इन रास्तों पर ही अपना कब्जा जमा लिया है। हसेरन ब्लॉक क्षेत्र की नादेमऊ ग्राम पंचायत के मलिकपुर गांव में दबंगई का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां आम रास्ते और इंटरलॉकिंग सड़क पर अवैध रूप से पशु बांधे जा रहे हैं।
विरोध करने पर गाली-गलौज पर उतारू हुए आरोपी
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही जय प्रकाश नायक और शिशुपाल नायक द्वारा इंटरलॉकिंग मार्ग पर जबरन पशु बांधे जाते हैं। रास्ते में पशु बंधे होने के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जब गांव के ही एक निवासी धीरेन्द्र सिंह ने सड़क पर पशु न बांधने का आग्रह किया, तो आरोपी पक्ष भड़क गया। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और आरोपियों ने गाली-गलौज की।
सड़क हो रही है जर्जर, राहगीर परेशान
बरसात के मौसम में इंटरलॉकिंग सड़कें पहले ही पानी और कीचड़ की मार झेलती हैं। ऐसे में सड़क पर लगातार पशुओं के बंधने से वहां गोबर और गंदगी का अंबार लग रहा है। गंदगी के कारण न सिर्फ संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, बल्कि सड़क भी तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है।
इस मनमानी से त्रस्त होकर अब ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि आम रास्ते को जल्द से जल्द अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और विवाद करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर ग्रामीणों को कब तक राहत पहुंचाता है।

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