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उमरिया कलेक्टर के तानाशाही रवैये से क्षुब्ध पत्रकारों ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार

 कलेक्टर के तानाशाही रवैये से क्षुब्ध होकर जिले के पत्रकारों ने जी राम जी योजना जैसे कार्यक्रम की प्रेस कॉन्फ्रेंस का किया बहिष्कार साथ ही आगे भी जिला प्रशासन के साथ पत्रकारों का रहेगा असहयोगात्मक रवैया 

उमरिया - जिले में जब से कलेक्टर के पद पर धरणेन्द्र कुमार जैन ने पद भार ग्रहण किया है तब से लगातार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए उनका रवैया पत्रकारों के साथ असहयोगात्मक ही रहा है। जिले में कोई भी घटना या किसी पीड़ित, शोषित, गरीब का मामला आता है या कहीं कोई गलत काम हो रहा है तो आम जनता की आवाज को उठाने का कार्य मीडिया ही करता है, और उन मुद्दों पर जब जिले के कलेक्टर से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाता है तो उनके द्वारा सीधे कह दिया जाता है कि मैं कुछ भी नहीं बता सकता हूं जबकि समूचे विश्व में हर जगह से समाचार संकलन का कार्य मीडिया द्वारा ही अनादि काल से किया जा रहा है, इतना ही नहीं समाज में विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद मीडिया को चौथे स्तम्भ का दर्जा दिया गया है और उमरिया जिले के कलेक्टर द्वारा लगातार चौथे स्तम्भ की उपेक्षा की जा रही है, वहीं आज भारत सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम जी राम जी अधिनियम 2025 के लिए पी आई बी अर्थात प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की तरफ से आए मनीष दुबे को भी जिले के कलेक्टर के रवैये के चलते विरोध का सामना करना पड़ा जबकि उनको जिले के पत्रकारों से संवाद स्थापित करना था और वह संवाद स्थापित नहीं हो सका।

गौरतलब है कि इतना ही नहीं जिले के सभी पत्रकारों ने यह भी कहा कि आज भर नहीं जब तक जिले के कलेक्टर का रवैया नहीं सुधरेगा तब तक हमारे द्वारा भी इसी तरह का असहयोगात्मक रवैया अपनाया जाएगा। इसके चलते भले ही शासन की योजनाओं का प्रचार - प्रसार न हो उसकी समस्त जिम्मेदारी जिले के कलेक्टर की होगी।

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